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मंगलवार, 14 सितंबर 2021

Big News - आयुष्मान कार्ड केवल बनकर रह गया शो पीस...पढ़िए।

हालात यही रहे तो गंभीर परिणाम आएंगे सामने, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री जोकचन्द्र ने लगाया आरोप

पिपलिया स्टेशन -  शासन-प्रशासन की उदासीनता से मंदसौर जिला डेंगू के सर्वाधिक रोगियों की श्रेणी में आ चुका है। यहां डेंगू पीड़ितों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। डेंगू मच्छर के खात्मे को लेकर प्रशासन ने अभी तक कोई रणनीति नही बनाई है। प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग का अमला भी सोया हुआ है। अगर यही हालत रहे तो और गंभीर परिणाम सामने आ सकते है। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्यामलाल जोकचन्द्र ने आरोप लगाया कि कोरोना का डर लोगों में समाप्त ही नही हुआ था कि डेंगू का डर लोगों में बैठ गया है। प्रतिदिन मरीज बढ़ते जा रहे है, डेंगू मच्छर के खात्मे को लेकर अभी तक दवाईयों का छिड़काव नही किया है, केवल दवाई छिड़काव के बिल बनाकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। केवल रैलियां निकालकर व फोटो खिंचवाकर जनप्रतिनिधि व प्रशासन इतिश्री कर रहा है, धरातल पर कोई काम नही हो रहा है। डेंगू पीड़ित जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे है, उन्हें उचित उपचार भी नही मिल पा रहा है। शासकीय उपचार नही मिलने से कई मरीज तो निजी अस्पताल में उपचार करवा रहे है।
 आयुष्मान कार्ड केवल शो पीस बनकर रह गया है, किसी भी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड दिखाने पर मरीज को भर्ती नही किया जा रहा है। जोकचन्द्र ने आगे बताया पूरे जिले में स्वास्थ्य सेवाएं धवस्त हो चुकी है। भवन विरान पड़े हुए है, उनमें पशु बांधे जा रहे है। मल्हारगढ़ विधानसभा के मुख्य नगर पिपलिया, नारायणगढ़, मल्हारगढ़, झारड़ा, कनघट्टी, संजीत, कूचड़ोद, धंुधड़का, बूढ़ा, टकरावद आदि स्थानों पर स्वास्थ्य व्यवस्था शून्य है। अस्पताल रेफर अस्पताल बन गए है। यहां तक कि मंदसौर जिला अस्पताल में भी मरीज को रेफर ही किया जा रहा है। जिला अस्पताल में तक हड्डी, नाक, कान, गला, डेंगू, मलेरिया, सर्पदंश, हार्ट अटेक आदि बीमारियों से बचाव को लेकर स्पेशल डाॅक्टरों की तैनाती नही है। इस कारण कई मरीज उपचार के अभाव में ही दम तोड़ देते है। यहां के लोग उदयपुर, इंदौर, अहमदाबाद, प्रतापगढ़ जिलों में निजी खर्चे से महंगा उपचार कराने को मजबूर है। यहां के निजी अस्पतालों मंे भी मरीजों से लूटमार हो रही है, मरीज को भर्ती करने से लेकर मेडीसीन के नाम पर लाखों रुपए के बिल बनाए जाते है, जिससे गरीब मरीजों के परिजनों ब्याज व या खेती गिरवी रखकर अस्पतालों के बिल भरना पड़ रहे है। कोरोना के बाद कई अस्पतालों की लोगों ने शिकायतें भी की, लेकिन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत के कारण उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नही हो पाई। जोकचन्द्र ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चोहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, स्वास्थ्य मंत्री प्रभुलाल चोधरी को पत्र भेजकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की मांग की है।

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